रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: कोतवाली क्षेत्र के ठाकुरपुर मजरे कैड़ावा गांव में रविवार को एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जहां एक 15 वर्षीय किशोर की निर्माणाधीन पानी की टंकी से गिरने के कारण मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
(मृतक किशोर कुणाल की फाइल फोटो)
आपको बता दें कि, प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक किशोर कुनाल की मां मीना कुमारी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि, 29 मार्च 2026 की सुबह गांव के उत्तर दिशा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत बन रही पानी की टंकी पर कार्यरत एक कर्मचारी ने उनके बेटे को अन्य बच्चों के साथ काम करने के लिए बुलाया था।
बताया जा रहा है कि, दिनभर वहां मौजूद रहने के बाद शाम करीब 5 बजे कुनाल टंकी की ऊंची सीढ़ियों से अचानक फिसल गया। गिरते समय वह नीचे लगे बांसों में उलझता हुआ जमीन पर आ गिरा। इस दर्दनाक गिरावट के कारण उसके सिर, हाथ, पैर और नाक पर गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ।
घटना के तुरंत बाद गांव के लोगों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए घायल किशोर को नजदीकी जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उसे बचा नहीं सके और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की मां मीना कुमारी ने आरोप लगाया है कि, निर्माण कार्य में लगे कर्मचारी ने नाबालिग बच्चों से काम करवाया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, कोतवाली प्रभारी जगदीश यादव ने बताया कि, पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर प्राप्त हो चुकी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि, जांच के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है। ग्रामीणों ने गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि, निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होना और बच्चों को वहां जाने देना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
यह हादसा प्रशासन और ठेकेदारों के लिए एक कड़ा संदेश है कि, निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की हृदयविदारक घटनाओं को रोका जा सके।



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