सार.........
⭕ निर्माणाधीन टंकी बनी काल: 15 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत, बाल श्रम में लिप्तता पर केस दर्ज।
विस्तार.........
शिवाकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकी एक मासूम की जान ले लेगी, यह किसी ने सोचा भी नहीं था। महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के ठाकुरपुर मजरे कैड़ावा गांव में रविवार को हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। महज 15 साल के किशोर कुनाल की ऊंचाई से गिरकर मौत हो गई, जिससे परिजनों का सहारा छिन गया और गांव में मातम पसर गया।
     आपको बता दें कि, प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की मां मीना देवी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि, उनका नाबालिग बेटा उनकी जानकारी के बिना ही टंकी निर्माण स्थल पर मजदूरी करने चला गया था। आरोप है कि, वहां मौजूद एक कर्मचारी ने उसे काम पर लगा लिया था। दिनभर काम करने के बाद शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच जब कुनाल टंकी की सीढ़ियों से नीचे उतर रहा था, तभी वह बांस से टकराकर संतुलन खो बैठा और सीधे नीचे गिर गया।
      गंभीर रूप से घायल कुनाल को तत्काल ग्रामीणों की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं।
      मृतक की मां ने बेटे की मौत के लिए निर्माण स्थल पर मौजूद अज्ञात कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराते हुए न्याय की मांग की है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम के तहत अज्ञात कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी जगदीश यादव ने बताया कि, जल्द ही आरोपी की पहचान कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
      बताया जा रहा है कि, कुनाल के पिता का करीब 6-7 वर्ष पहले बीमारी से निधन हो चुका था। परिवार की पूरी जिम्मेदारी मां और बड़े बेटे नीरज पर थी, जो दिल्ली में नौकरी करता है। दूसरा बेटा नितिन मानसिक रूप से अस्वस्थ है। ऐसे में पढ़ाई कर रहे कुनाल की असमय मौत ने परिवार की कमर तोड़ दी है।
     यह घटना न केवल बाल श्रम की भयावह सच्चाई को उजागर करती है, बल्कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी पर भी सवाल खड़े करती है। गांव में हर आंख नम् है और हर जुबान यही पूछ रही है—आखिर इस मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन?