गोरखपुर। रंगों का त्योहार होली केवल रंगों का उत्सव ही नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। इसी भावना को साकार करते हुए राष्ट्रीय सेवा परिषद, अशोक ऐश्वरम विला एवं मां अकलेश सेवा शक्ति सदन परिवार की ओर से होली का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर समाज के हर वर्ग और हर तबके के गणमान्य लोगों ने मिलजुल कर होली खेली और गंगा-जमुनी संस्कृति की सुंदर मिसाल पेश की।
     आपको बता दें कि, कार्यक्रम की शुरुआत शक्ति सदन परिवार के मुखिया पूज्य बाबूजी दुर्गा प्रसाद द्वारा सभी को अबीर-गुलाल लगाकर की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर, गले मिलकर और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद तथा स्नेह का आदान-प्रदान किया। पूरे वातावरण में रंग, उमंग और भाईचारे की भावना साफ दिखाई दे रही थी।
     बताया गया कि, यह परंपरा समाजसेवी और प्रख्यात राजनेता स्वर्गीय डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव द्वारा शुरू की गई थी, जिसे आज भी शक्ति सदन परिवार उसी आत्मीयता और गरिमा के साथ आगे बढ़ा रहा है। परिवार के सदस्यों ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि आपसी एकता, प्रेम और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का माध्यम भी है।
     इस अवसर पर रेल अधिकारी इंजीनियर प्रदीप कुमार, प्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ. मनोज कुमार, रेलवे एक्टिविस्ट इंजीनियर रंजीत कुमार, प्रसिद्ध उद्यमी इंजीनियर संजीत कुमार तथा सामाजिक कर्मयोगी मंजीत कुमार (बाबू) सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने छोटे-बड़े का सम्मान करते हुए एक-दूसरे को रंग लगाकर पर्व की खुशियां साझा कीं।
       कार्यक्रम में परिवार की महिला सदस्य भी उत्साहपूर्वक शामिल रहीं। इनमें डॉ. किरण, अर्चना, डॉ. विभा, निवेदिता, स्मिता, मनीषा, इशिता, भावना, सौम्या और डॉ. प्रीतिका सहित अन्य सदस्यों ने बच्चों और युवाओं को गुलाल लगाकर आशीर्वाद दिया तथा सभी के साथ होली की खुशियां बांटी।
       कार्यक्रम का संचालन इंजीनियर अनुभव कुमार ने किया, जबकि सभी आगंतुकों के प्रति आभार और धन्यवाद सामाजिक कार्यकर्ता मंजीत कुमार (बाबू) ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर होली के इस पारंपरिक और सांस्कृतिक आयोजन को यादगार बना दिया। रंगों और खुशियों से सराबोर यह आयोजन आपसी प्रेम, भाईचारे और गंगा-जमुनी संस्कृति की सजीव झलक प्रस्तुत करता नजर आया।