साथ.........
⭕ होली गीतों पर झूमे बछरावां के विधायक श्याम सुंदर भारती, फगुआ टोली संग बिखेरा पारंपरिक रंग।
⭕ ठाकुरपुर गांव में गूंजे फगुआ के सुर, विधायक श्याम सुंदर भारती ने गाए पारंपरिक होली गीत।
⭕ ढोलक-मंजीरे की थाप पर सजी होली, फगुआ टोली संग झूमे विधायक श्याम सुंदर भारती।
⭕ फगुआ की मस्ती में सराबोर ठाकुरपुर, विधायक श्याम सुंदर भारती ने गाकर बांधा समा।
⭕ होली पर लोकपरंपरा की झलक, फगुआ टोली के संग गीतों में रम गए विधायक श्याम सुंदर भारती।
⭕ “होली खेलै रघुवीरा अवध मां” की गूंज, विधायक श्याम सुंदर भारती ने बढ़ाया उत्सव का रंग।
⭕ गांव में सजी पारंपरिक होली, फगुआ गीतों से गुलजार हुआ विधायक श्याम सुंदर भारती का आवास।
विस्तार........
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: रंगों और उमंगों के पर्व होली का नाम सुनते ही हर दिल में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ पड़ती है। लोकगीतों, फगुआ और पारंपरिक संगीत की मधुर धुनें वातावरण को आनंदमय बना देती हैं। ऐसा ही उल्लासपूर्ण दृश्य इस वर्ष भी देखने को मिला, जब बछरावां विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक श्याम सुंदर भारती अपने पैतृक गांव ठाकुरपुर स्थित आवास पर फगुआ टोली के साथ होली के पारंपरिक गीतों में सराबोर दिखाई दिए।
आपको बता दें कि, होली के पावन अवसर पर विधायक के आवास पर सुबह से ही ग्रामीणों, क्षेत्रीय गणमान्य नागरिकों और पार्टी पदाधिकारियों का आना-जाना लगा रहा। ढोलक, मंजीरा और झांझ की ताल पर जब फगुआ टोली ने पारंपरिक होली गीतों की शुरुआत करी, तो पूरा वातावरण रंग और रस से भर उठा। इसी बीच विधायक श्याम सुंदर भारती भी फगुआरों के चिरपरिचित अंदाज में शामिल हो गए और उन्होंने “होली खेलै रघुवीरा अवध मां” तथा “मन बसा मोर वृंदावन मां” जैसे लोकप्रिय होली गीत गाकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
उनकी गायकी और सादगीपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया। ग्रामीणों और समर्थकों ने भी पूरे उत्साह के साथ गीत-संगीत में भाग लिया, जिससे माहौल पारंपरिक फगुआ की मस्ती से सराबोर हो उठा।
इस अवसर पर विधायक की धर्मपत्नी ने भी पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ कार्यक्रम में भागीदारी निभाई। उन्होंने सबसे पहले फगुआ टोली के सदस्यों को कबीर गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद अतिथियों और ग्रामीणों को पारंपरिक व्यंजनों से सजी थालियां—जिनमें गुझिया, पापड़, चिप्स और अन्य मिठाइयां शामिल थीं—स्नेहपूर्वक परोसीं।
गांव के बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने भी रंग-गुलाल लगाकर एक-दूसरे को होली की बधाइयां दीं। पारंपरिक फगुआ गीतों, रंग-गुलाल और आत्मीय मेल-मिलाप के बीच यह आयोजन गांव की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बन गया।
इस मौके पर क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, ग्रामवासी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर प्रेम, भाईचारे और पारंपरिक संस्कृति के साथ होली पर्व का आनंद लिया।



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