बस्ती: कहा जाता है कि, यदि किसी व्यक्ति के इरादे मजबूत हों और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। जनपद बस्ती के जमदीह पांडे गांव की रहने वाली पूजा ने अपने साहस, मेहनत और लगन से इस कहावत को सच कर दिखाया है। उन्होंने न केवल अपने लिए रोजगार का रास्ता बनाया, बल्कि अपने गांव के लोगों के लिए डिजिटल सेवाओं का ऐसा केंद्र स्थापित किया, जिससे अब ग्रामीणों को कई सरकारी और डिजिटल सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।
     आपको बता दें कि, पूजा ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत ₹3,22,222 का ऋण प्राप्त कर भारतीय स्टेट बैंक, बस्ती के सहयोग से “पूजा जन सेवा केंद्र” की स्थापना की। शुरुआत में यह कदम उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में संसाधनों की कमी, तकनीकी जानकारी का अभाव और आर्थिक सीमाएं अक्सर नए उद्यमियों के लिए बाधा बन जाती हैं। लेकिन पूजा ने हिम्मत नहीं हारी और अपने संकल्प को मजबूत बनाए रखा।
      आज उनका “पूजा जन सेवा केंद्र” गांव और आसपास के क्षेत्रों के लिए डिजिटल सेवाओं का प्रमुख माध्यम बन चुका है। यहां कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से कई सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ग्रामीणों को अब आधार से जुड़े कार्य, सरकारी योजनाओं की जानकारी, प्रमाण पत्र, पेंशन से संबंधित सेवाएं और अन्य आवश्यक डिजिटल सुविधाएं पाने के लिए शहर नहीं जाना पड़ता।      इससे न केवल समय और धन की बचत हो रही है, बल्कि ग्रामीणों को अपने ही गांव में बेहतर सुविधा मिल रही है।
      इसके साथ ही पूजा ने अपने केंद्र पर मोबाइल रिपेयरिंग की सुविधा भी शुरू की है। इस पहल से स्थानीय युवाओं को तकनीकी काम सीखने का अवसर मिल रहा है। कई युवक मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण लेकर रोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस तरह पूजा का यह केंद्र केवल सेवाएं देने का स्थान नहीं रहा, बल्कि कौशल विकास और रोजगार सृजन का माध्यम भी बन गया है।
      पूजा बताती हैं कि, शुरुआत के दिनों में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कभी तकनीकी समस्याएं आती थीं तो कभी ग्राहकों की कमी महसूस होती थी। लेकिन उन्होंने धैर्य और मेहनत के साथ काम जारी रखा। धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और आज उनके केंद्र पर रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी जरूरतों के काम करवाने के लिए आते हैं।
      पूजा की इस पहल का प्रभाव अब पूरे गांव में दिखाई देने लगा है। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है, युवाओं को कौशल सीखने का अवसर मिल रहा है और महिलाओं के लिए भी यह एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है कि यदि इच्छा शक्ति मजबूत हो तो गांव में रहते हुए भी आत्मनिर्भर बना जा सकता है।
       आज पूजा अपने क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि सही दिशा में प्रयास किया जाए तो एक छोटा सा कदम भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकता है। पूजा का “जन सेवा केंद्र” केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि गांव के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन गया है।