गोरखपुर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने बुधवार को जिला कारागार गोरखपुर का औचक निरीक्षण कर महिला बंदियों की स्थिति और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण का उद्देश्य जेल में निरुद्ध महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वच्छता तथा उनके साथ रह रहे बच्चों के भविष्य से जुड़े प्रबंधों की समीक्षा करना था।
आपको बता दें कि, निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने महिला बंदियों से सीधे संवाद कर उनके स्वास्थ्य, रहन-सहन और दैनिक सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जेल अस्पताल का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला बंदियों को समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सकीय देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उपाध्यक्ष ने जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे बच्चों की शिक्षा और भविष्य को लेकर विशेष रूप से गहन समीक्षा की। उन्होंने बच्चों के लिए संचालित शिक्षा केंद्रों का अवलोकन करते हुए निर्देश दिया कि बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा भी सुनिश्चित की जाए, ताकि उनका समुचित मानसिक और शैक्षिक विकास हो सके।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने उन महिला बंदियों के मामलों की भी जानकारी ली जो अपनी सजा का अधिकांश भाग पूरा कर चुकी हैं। इस संबंध में उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि नियमानुसार समयपूर्व रिहाई के पात्र मामलों की पत्रावली शीघ्र तैयार कर शासन को भेजी जाए, ताकि पात्र महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर मिल सके।
श्रीमती चौधरी ने कारागार परिसर, महिला बैरक तथा रसोईघर की साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया। जेल परिसर में स्वच्छता और अनुशासित वातावरण को देखते हुए उन्होंने कारागार प्रशासन की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, महिला आयोग का प्रयास है कि जेल में निरुद्ध महिलाओं को भी मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार मिले और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय, जेलर अरुण कुमार कुशवाहा, उप जेलर विजय कुमार, कृष्णा कुमारी एवं अमिता श्रीवास्तव, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. विनय कुमार, फार्मासिस्ट शेष कुमार शर्मा सहित अन्य कारागार कर्मी उपस्थित रहे।



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