शिवाकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: वर्षों से उपेक्षा और बदहाली का दंश झेल रही हंसवा ड्रेन अब किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। यह ड्रेन, जो हंसवा ताल और सकरी ताल क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ कृषि भूमि की जीवनरेखा मानी जाती है, लंबे समय से सफाई के अभाव में जाम पड़ी थी। नतीजतन, हर वर्ष बरसात के मौसम में जल निकासी ठप हो जाती और किसानों की लहलहाती फसलें देखते ही देखते पानी में डूबकर तबाह हो जाती थीं।

स्थिति इतनी विकट हो गई थी कि कई किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। खासकर धान की फसल को लगातार हुए नुकसान ने किसानों की आर्थिक रीढ़ को झकझोर कर रख दिया। वर्षों से चली आ रही इस समस्या ने क्षेत्र में निराशा का माहौल बना दिया था।

     आपको बता दें कि, बीते वर्ष भारी बारिश के दौरान फसलों के व्यापक नुकसान के बाद किसानों का आक्रोश सामने आया था। उन्होंने एकजुट होकर क्षेत्रीय विधायक श्याम सुंदर भारती से मुलाकात की और अपनी पीड़ा को प्रमुखता से रखा। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने इसे केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रखते हुए शासन-प्रशासन और संसद तक मजबूती से उठाया।

      लगातार प्रयासों और पैरवी का ही परिणाम है कि, हंसवा ड्रेन की हेड से टेल तक व्यापक सफाई कार्य को स्वीकृति मिली। हाल ही में इसके लिए आवश्यक धनराशि भी जारी कर दी गई है, जिसके बाद अब सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर तेजी से कराया जा रहा है। वर्षों से जमी गाद और अवरोध हटाए जा रहे हैं, जिससे जल निकासी व्यवस्था को फिर से सुचारु करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

      जैसे ही सफाई कार्य शुरू हुआ, क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर उम्मीद की किरण साफ दिखाई देने लगी। "एसके इंडिया न्यूज़" के संवाददाता से बातचीत में किसानों ने खुलकर खुशी जाहिर की और विधायक के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। किसानों का कहना है कि, यदि यह कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो जाता है, तो आने वाले बारिश के मौसम में उन्हें जलभराव की समस्या से काफी राहत मिलेगी और उनकी फसलें सुरक्षित रह सकेंगी।

     किसानों ने यह भी कहा कि, वर्षों की उपेक्षा के बाद अब जब उनकी समस्या का समाधान शुरू हुआ है, तो उनमें विश्वास और उत्साह दोनों बढ़ा है। उन्होंने विधायक के प्रति आभार जताते हुए भविष्य में भी ऐसे ही सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की और आगामी चुनावों में पूरा समर्थन देने का संकल्प भी दोहराया।

       हंसवा ड्रेन की सफाई केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि किसानों के टूटते विश्वास को फिर से संजोने और उनकी आजीविका को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।