शिवाकांत अवस्थी
रायबरेली: लखनऊ प्रयागराज हाइवे पर स्थित चुरुवा हनुमान मंदिर के बगल में धार्मिक आस्था, सामाजिक समर्पण और सनातन परंपराओं की दिव्य छाया में क्षेत्रवासियों के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण तब साकार हुआ, जब 22 मार्च 2026, रविवार के शुभ दिन से भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। एक वर्ष पूर्व विधिपूर्वक भूमिपूजन संपन्न होने के पश्चात अब मंदिर निर्माण की आधारशिला साकार रूप लेती दिखाई दे रही है।
       आपको बता दें कि, चुरुवा हनुमान मंदिर के समीप साढ़े नौ विश्वा भूमि का विधिवत बैनामा कराया गया, जिसमें से लगभग साढ़े चार विश्वा क्षेत्रफल में मंदिर निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। यह केवल एक मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि धर्म, सेवा और संस्कारों का एक व्यापक केंद्र स्थापित करने का संकल्प है।
      प्रस्तावित श्रीराम मंदिर के साथ-साथ साधु-संतों के निवास हेतु विशेष कक्षों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही वृद्धजनों के लिए समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे वे शांति और आध्यात्मिक वातावरण में अपना जीवन व्यतीत कर सकें। बच्चों को धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से चार से छह शिक्षकों की नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है, जो उन्हें संस्कारों की दीक्षा देंगे।
       मंदिर निर्माण के लिए लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत का संकल्प लिया गया है, और इसे पूर्ण होने में लगभग पांच वर्षों का समय अनुमानित है। इस पुण्य कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु “पिप्लेश्वर हनुमान मंदिर चुरुवा” के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया गया है, जिसके अंतर्गत शासन के साथ-साथ आम जनमानस भी अपना योगदान देकर इस महायज्ञ में सहभागी बन सकता है।
      मंदिर के मुख्य पुजारी अनूप कुमार अवस्थी की पत्नी प्रियंका अवस्थी ने विद्युत विभाग से निवेदन किया है कि, मंदिर परिसर के ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन को सुरक्षित दूरी पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि निर्माण कार्य निर्बाध रूप से पूर्ण हो सके और भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना से बचा जा सके।
     उन्होंने यह भी बताया कि, मंदिर निर्माण पूर्ण होने के पश्चात प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इसके भव्य उद्घाटन का संकल्प लिया गया है। साथ ही प्रसिद्ध रामकथा व्यास राजन जी महाराज की मधुर वाणी में श्रीराम कथा के दिव्य आयोजन की भी योजना बनाई गई है, जिससे पूरा क्षेत्र राममय हो उठेगा।
       वर्तमान में मंदिर स्थल पर नियमित रूप से पूजन-अर्चन का कार्य पुजारी मुनिराज अवस्थी द्वारा संपन्न कराया जा रहा है, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार बना हुआ है।
      यह भव्य श्रीराम मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए सेवा, शिक्षा और संस्कार का एक जीवंत प्रतीक बनकर उभरेगा। क्षेत्रवासियों में इस दिव्य परियोजना को लेकर अपार उत्साह और श्रद्धा का संचार है, जो आने वाले समय में इसे एक प्रमुख आध्यात्मिक धाम के रूप में स्थापित करेगा।