रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र की तौली ग्राम पंचायत में रविवार को आयोजित पारंपरिक बैलगाड़ी प्रतियोगिता ने ग्रामीण अंचल की सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया। ग्राम प्रधान सत्यवती एवं उनके प्रतिनिधि विनोद कुमार धोबी के नेतृत्व में संपन्न हुए इस आयोजन में कुल 23 प्रतिभागियों ने भाग लिया। होली से पूर्व आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता लगातार दूसरे वर्ष आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्रीय विधायक श्याम सुंदर भारती समेत आसपास के कई गांवों से प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
आपको बता दें कि, प्रतियोगिता स्थल पर सुबह से ही मेले जैसा माहौल रहा। प्रतिभागी अपनी सजी-धजी बैलगाड़ियों के साथ पहुंचे। बैलों को पारंपरिक ढंग से घुंघरू, रंगीन वस्त्र और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। ढोल-नगाड़ों की थाप और दर्शकों के जयघोष के बीच जब बैलगाड़ियां मैदान में दौड़ीं तो रोमांच चरम पर पहुंच गया।
प्रधान प्रतिनिधि विनोद कुमार धोबी ने बताया कि, आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि, आधुनिकता के दौर में परंपराओं का संरक्षण आवश्यक है, इसलिए प्रत्येक वर्ष होली से पूर्व इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।
पांच राउंड में संपन्न हुई प्रतियोगिता: निर्णायक मंडल द्वारा प्रतियोगिता को पांच राउंड में कराया गया।
प्रथम राउंड में लवलेश कुमार (थुलवासा), जंग बहादुर यादव (नारायनपुर), हीरालाल यादव (जियापुर), जगदीश (जियापुर) और शिव बालक (खुदायगंज) ने भाग लिया। इस राउंड में हीरालाल यादव विजेता रहे।
द्वितीय राउंड में राकेश यादव (जियापुर), साली बाबूजी का पूरवा, शुभम पाल (रामधन का पुरवा), सुरेश यादव (पूरे ज्वाला) और सुशील यादव (खुदायगंज) शामिल हुए। इसमें शुभम पाल ने बाजी मारी।
तृतीय राउंड में रामनरेश (याकुबगंज), राम सजीवन (छत्ता का पुरवा), राम केवल (पूरे पनऊ बलीपुर) और रामकुमार (जियापुर) ने भाग लिया, जिसमें रामकुमार विजेता बने।
चतुर्थ राउंड में अमन यादव (नारायनपुर), सतगुरु कोटेदार (छड़ी का पुरवा) और निर्भय यादव (चंडी खेड़ा) के बीच मुकाबला हुआ। इसमें सतगुरु कोटेदार विजयी रहे।
पंचम राउंड में राममिलन (जियापुर), प्रांशु (नारायनपुर), भारत यादव (पूरे सहमत) और धर्मवीर (नारायनपुर) ने भाग लिया। इस राउंड में भारत यादव विजेता रहे।
फाइनल में सतगुरु कोटेदार ने मारी बाजी: पांचों राउंड के विजेताओं के बीच हुए फाइनल मुकाबले में कड़ा संघर्ष देखने को मिला। अंततः सतगुरु कोटेदार (छड़ी का पुरवा) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। शुभम पाल (रामधन का पुरवा) द्वितीय तथा भारत यादव (पूरे सहमत) तृतीय स्थान पर रहे।
विजेताओं को ग्राम प्रधान सत्यवती एवं प्रतिनिधि विनोद कुमार धोबी द्वारा सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को साइकिल, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को विद्युत पंखा (फराटा) तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को स्टील की पानी की टंकी भेंट की गई।
सामाजिक एकता का बना प्रतीक: प्रतियोगिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में, बच्चे उत्साह से लबरेज और बुजुर्ग पुरानी स्मृतियों में खोए नजर आए। खानपान की दुकानों और आपसी मेलजोल ने आयोजन को मेले का रूप दे दिया।
आयोजन की सफलता में ग्राम प्रधान सत्यवती, प्रतिनिधि विनोद धोबी सहित राजेश यादव, रामदेव लोधी, अनिल सिंह, राहुल पाल, बंसीलाल प्रधान, अखिलेश प्रधान, अरुण प्रधान, आकाश प्रधान, हरिशंकर प्रधान, सर्वेश लोधी, गोपाल सिंह, चंद्रिका प्रसाद, रोशन, शिवदास मौर्य, अजीत मौर्य, अर्जुन मौर्य, रामकिशोर मौर्य, राजा राम मौर्य, मोहित मौर्य, बृजेश शर्मा एवं रमाकांत मौर्य आदि की सक्रिय भूमिका रही।
ग्रामीणों ने कहा कि, इस प्रकार के आयोजन आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। प्रतियोगिता ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयास से गांवों की परंपराओं को सुरक्षित रखा जा सकता है।


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