रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र में पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत की अफवाह ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। अफवाह फैलते ही लोग जरूरत से अधिक ईंधन जमा करने के लिए पेट्रोल पंपों पर गैलन और जरीकेन लेकर पहुंचने लगे। अचानक बढ़ी मांग के चलते महराजगंज के वंशिका, नायरा समेत कई पेट्रोल पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लग गए, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।
आपको बता दें कि, जहां कुछ पंपों पर ईंधन उपलब्ध था, वहां उपभोक्ताओं और पंप कर्मचारियों के बीच नोकझोंक की घटनाएं भी सामने आईं। पूरे पंडित मजरे ओसाह निवासी अनूप मिश्रा ने ओसाह स्थित ‘हमारा पेट्रोल पंप’ का वीडियो साझा कर आरोप लगाया कि, पंप प्रबंधन द्वारा आम उपभोक्ताओं को मात्र सौ रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि नियमों को दरकिनार कर परिचित लोगों को केन व कुप्पियों में भरकर अधिक मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने पंप कर्मचारियों के व्यवहार को भी अमर्यादित और दबंगईपूर्ण बताया।
वहीं कुसुढ़ी सागरपुर स्थित नायरा पेट्रोल पंप पर ईंधन समाप्त होने के कारण सन्नाटा पसरा रहा। पंप मालिक विमल रस्तोगी के अनुसार, अचानक टैंक फुल कराने वाले उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगने से देर रात तक पूरा स्टॉक खत्म हो गया। उन्होंने बताया कि, डिपो से नई आपूर्ति मिलने के बाद ही वितरण दोबारा शुरू किया जा सकेगा।
स्थानीय उपभोक्ता लाल सिंह, नागेंद्र तिवारी और राम प्रकाश शुक्ला का कहना है कि, आवश्यकता के अनुरूप ईंधन न मिलने से आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
इधर प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करी है। उपजिलाधिकारी गौतम सिंह ने स्पष्ट किया कि, क्षेत्र में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि, प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं तथा सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सीमित मात्रा में ईंधन वितरण के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि, स्थिति को सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।


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