रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: श्री रामनवमी के पावन अवसर पर खण्ड महराजगंज के हलोर क्षेत्र में एक भव्य एवं विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शोभायात्रा पूरे नगर में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के वातावरण के साथ निकाली गई, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर इसका भव्य स्वागत किया। पूरे मार्ग में “जय श्रीराम” के गगनभेदी उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
आपको बता दें कि, शोभायात्रा के दौरान भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को दर्शाती आकर्षक झांकियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। घर-घर से माताओं एवं बहनों ने भगवान श्रीराम की आरती उतारकर तथा पूजन-अर्चन कर श्रीराम जन्मोत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विवेक सिंह (विश्व हिन्दू परिषद, अवध प्रान्त) ने अपने उद्बोधन में कहा कि, केवल शोभायात्रा निकालना ही हमारा कर्तव्य नहीं है, बल्कि मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों—सत्य, धर्म, त्याग और मर्यादा—को अपने जीवन में आत्मसात करना ही सच्ची श्रद्धा है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया कि, वे इन आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
मुख्य अतिथि अजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि, हिन्दू समाज के युवाओं को धर्म के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि, संगठित और जागरूक समाज ही राष्ट्र को सशक्त बना सकता है।
इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें जन्मेजय सिंह, लक्ष्मीकांत रावत, दिनेश सिंह राठौर, जगमोहन, सत्येंद्र सिंह, अवधेश मिश्रा, शिवरमन सिंह, दिवाकर पटेल, गुलशन प्रजापति, गौरव पाण्डेय, प्रमोद मिश्रा, संजय मिश्र, अतुल पाण्डेय, मनीष सिंह, अंकित शुक्ला, अभिषेक सिंह, ब्रजेन्द्र सिंह भदौरिया, विकास पाठक, सत्यप्रकाश वर्मा, संतोष तिवारी, राजकुमार साहू, युगुल बाजपेई सहित अनेक लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में खण्ड कार्यवाह धर्मेन्द्र मिश्रा ने बताया कि, यह आयोजन हिन्दू युवा वाहिनी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, खण्ड महराजगंज के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ, जिसमें बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद और अन्य संगठनों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक जागरण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाने में सफल रही।


0 Comments